Monday, July 15, 2013

एक अलग तरह का शून्य

शून्य में उतर जाने के लिए कुछ लोग नशा करते हैं..कुछ समाधि और कुछ योग भी, कुछ सम्भोग भी! पर, कभी काम में डूब कर देखिये..एक अलग तरह का शून्य उभरता है..कुछ नहीं दिखता, कुछ नहीं मालुम पड़ता..आप अपनी ही एक दुनिया में होते हैं..आप सबको मिस करता हूँ..कुछ लोगों की लेखनी नहीं पढ़ पाने का मलाल रहता है..

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