Thursday, March 27, 2014

कबीर



सहज मिले तो दूध सम, मांगे मिले तो पानी 
कहे कबीर वो रक्त सम, जा में खींचातानी...

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छोटी कविता

जनता जो भीड़ है भीड़ जो गुम है.. गुम बोले तो बेबस बेबसी यानी घुटन घुटन बोले तो अंत अंत तो मौत है भीड़ ने एक चेहरा चुना चेहरे पर एक पह...