छोटी कविता

जनता जो भीड़ है भीड़ जो गुम है.. गुम बोले तो बेबस बेबसी यानी घुटन घुटन बोले तो अंत अंत तो मौत है भीड़ ने एक चेहरा चुना चेहरे पर एक पह...