Friday, March 28, 2014

अपनी रहमत के खज़ानो से अता कर मालिक...
ख्वाब औकात में रह कर नहीं देखे जाते 

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हीरेंद्र की गुगली यानी मस्ती का डोज़!

इस हिस्से में पढ़िये कुछ ऐसी ही दिलचस्प गुगली. क्योंकि आखिरी पंक्ति में आप जान पायेंगे कि आखिर बात किसकी हो रही थी!  #गुगली 1 पिछले सात ...