Thursday, April 03, 2014

जो चिराग तेज़ आँधियों में भी जल रहे हैं, उनके लिए दुआ कीजिये!

                                          जो चिराग तेज़ आँधियों में भी जल रहे हैं, उनके लिए दुआ कीजिये!

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छोटी कविता

जनता जो भीड़ है भीड़ जो गुम है.. गुम बोले तो बेबस बेबसी यानी घुटन घुटन बोले तो अंत अंत तो मौत है भीड़ ने एक चेहरा चुना चेहरे पर एक पह...