Friday, April 11, 2014

आओ न कुछ बात करें

"आओ न कुछ बात करें..बातों से फिर बात चले...
उसकी और हमारी बातें.. थोड़ी गुदगुदाती और प्यारी बातें..
खूब सारी बातें..
इतनी बातें कि हो जाये, हम दोनों की आभारी बातें..
कुछ तुम कहो लखनऊ की, कुछ हम करें बिहारी बातें..
निभाए हमसे यारी बातें..
क्यों मौन रहे, मिश्री घोले..हमारी ख़ामोशी भी बोले..
दिन रैन रहे ज़ारी बातें..थोड़ी मोटी और गाढ़ी बातें..
तुझ पर जाये वारी बातें..
आओ न कुछ बात करें..बातों से फिर बात चले..." - तुम्हारा ही हिरेन्द्र 



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